भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लागू होने के साथ ही भारतीय लग्जरी कार बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अप्रैल 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार Jaguar Land Rover ने अपनी पूरी तरह से आयातित ब्रिटिश कारों की कीमतों में भारी कटौती की घोषणा की है। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत ब्रिटेन से आने वाली चुनिंदा कारों पर लगने वाली 110 प्रतिशत की भारी कस्टम ड्यूटी को घटाकर अब मात्र 30 प्रतिशत कर दिया गया है। ड्यूटी में आई इस भारी गिरावट का सीधा फायदा अब उन ग्राहकों को मिल रहा है जो सीधे तौर पर विदेशी यूनिट्स यानी CBU मॉडल खरीदना पसंद करते हैं।
Range Rover Sport SV की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट
Range Rover Sport SV जो कंपनी की सबसे शक्तिशाली और तकनीकी रूप से उन्नत SUV मानी जाती है, उसकी कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी कटौती दर्ज की गई है। समझौते से पहले इस गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 2.75 करोड़ रुपये थी, जो ड्यूटी घटने के बाद अब घटकर लगभग 2.05 करोड़ रुपये रह गई है। इस तरह ग्राहकों को एक ही झटके में लगभग 70 लाख रुपये की सीधी बचत हो रही है। हालांकि शुरुआत में बाजार में 40 लाख रुपये की कटौती का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन नए टैक्स नियमों के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद यह बचत उम्मीद से कहीं अधिक साबित हुई है।
फ्लैगशिप Range Rover SV पर ₹1 करोड़ से ज्यादा की बचत
इस ट्रेड एग्रीमेंट का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला असर कंपनी की सबसे आलीशान गाड़ी Range Rover SV के फ्लैगशिप वेरिएंट्स पर पड़ा है। Range Rover 4.4P SV मॉडल जिसकी कीमत पहले 4.25 करोड़ रुपये हुआ करती थी, अब वह लगभग 3.19 करोड़ रुपये में उपलब्ध है। यहाँ ग्राहकों को सीधे तौर पर 1.06 करोड़ रुपये की राहत मिल रही है जो भारतीय ऑटोमोबाइल इतिहास में किसी भी आधिकारिक मूल्य कटौती के मामले में एक रिकॉर्ड है। इसी तरह इसके 3.0-लीटर डीजल वेरिएंट की कीमतों में भी लगभग 96 लाख रुपये की कमी आई है, जिससे ये ‘Halo’ मॉडल्स अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा किफायती हो गए हैं।
किन मॉडल्स पर लागू होगी यह नई कटौती
यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि इस भारी डिस्काउंट का लाभ केवल उन्हीं Range Rover मॉडल्स पर मिलेगा जो पूरी तरह से ब्रिटेन के सोलिहुल प्लांट में निर्मित होकर भारत आती हैं। लैंड रोवर डिफेंडर इस कटौती के दायरे से बाहर रहेगी क्योंकि इसका निर्माण ब्रिटेन के बजाय स्लोवाकिया में किया जाता है। साथ ही भारत में असेंबल होने वाले मॉडल्स जैसे कि Velar और Evoque की कीमतों पर भी इसका कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उन पर पहले से ही CKD नियमों के तहत कम ड्यूटी लगती है। समझौते के मुताबिक 30 प्रतिशत की यह शुरुआती ड्यूटी आने वाले 5 वर्षों में धीरे-धीरे और कम होकर 10 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।
बाजार में प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों के लिए नया अवसर
Jaguar Land Rover भारत में पहला ऐसा प्रीमियम ब्रांड बन गया है जिसने अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते के टैक्स लाभों को सीधे अपने ग्राहकों तक पहुँचाया है। इस कदम से भारत के हाई-एंड SUV बाजार में हलचल मच गई है क्योंकि अब ये लग्जरी गाड़ियाँ अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वियों जैसे कि Mercedes-Maybach GLS और Bentley Bentayga के मुकाबले काफी प्रतिस्पर्धी कीमतों पर आ गई हैं। उन विशिष्ट ग्राहकों के लिए यह एक सुनहरा मौका है जो अपनी पसंद के अनुसार कस्टमाइज्ड ब्रिटिश लग्जरी कार का सपना देखते थे, क्योंकि अब ये गाड़ियाँ अपनी पुरानी कीमतों के मुकाबले लगभग तीन-चौथाई दाम पर खरीदी जा सकती हैं।













