कार इंश्योरेंस खरीदते समय इन गलतियों से बचें
वाहन खरीदना जितना महत्वपूर्ण है, उतनी ही जरूरी उसकी सुरक्षा के लिए एक सही इंश्योरेंस पॉलिसी चुनना भी है। अक्सर लोग नया वाहन खरीदते समय या पुराने का नवीनीकरण (Renewal) करते समय कुछ ऐसी सामान्य गलतियां कर बैठते हैं, जिनका खामियाजा दुर्घटना या चोरी के समय उठाना पड़ता है। अप्रैल 2026 की ताजा रिपोर्ट और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, केवल कम प्रीमियम के पीछे भागना आपकी सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है। एक सही बीमा पॉलिसी न केवल कानूनी अनिवार्यता है, बल्कि यह आपके वित्तीय भविष्य की सुरक्षा की गारंटी भी है।
केवल थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पर निर्भर रहना
भारत में कानूनन ‘Third Party Insurance’ अनिवार्य है, लेकिन यह केवल दूसरे व्यक्ति या संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई करता है। कई लोग पैसे बचाने के चक्कर में केवल यही पॉलिसी लेते हैं, जो एक बड़ी भूल है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि हमेशा ‘Comprehensive Insurance’ का चुनाव करना चाहिए। यह पॉलिसी न केवल दूसरों को हुए नुकसान को कवर करती है, बल्कि दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा, आग या चोरी की स्थिति में आपकी अपनी गाड़ी को होने वाले नुकसान की भी भरपाई करती है। विशेष रूप से नई गाड़ियों के लिए कॉम्प्रिहेंसिव कवर होना मानसिक शांति के लिए अनिवार्य है।
आईडीवी (IDV) के साथ छेड़छाड़ करना
इंश्योरेंस डिक्लेयर्ड वैल्यू (IDV) आपकी कार का वर्तमान बाजार मूल्य होता है, जो बीमा कंपनी चोरी या पूर्ण नुकसान की स्थिति में आपको देती है। कई बार ग्राहक प्रीमियम कम करने के लिए अपनी गाड़ी की IDV को जानबूझकर बहुत कम करवा देते हैं। यह एक जोखिम भरा कदम है क्योंकि यदि गाड़ी चोरी हो जाती है या पूरी तरह नष्ट हो जाती है, तो बीमा कंपनी आपको वही कम राशि देगी जो पॉलिसी में दर्ज है। हमेशा अपनी गाड़ी की सही बाजार कीमत के अनुसार ही IDV तय करें ताकि आपको उचित क्लेम मिल सके।
नो क्लेम बोनस (NCB) की जानकारी साझा न करना
‘No Claim Bonus’ बीमा कंपनी द्वारा उन ग्राहकों को दिया जाने वाला इनाम है जिन्होंने पिछली पॉलिसी अवधि के दौरान कोई क्लेम नहीं लिया है। यह बोनस 20 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक हो सकता है, जिससे आपके प्रीमियम की राशि काफी कम हो जाती है। कई लोग अपनी पुरानी गाड़ी बेचते समय या नई पॉलिसी लेते समय इस बोनस का विवरण देना भूल जाते हैं। ध्यान रहे कि NCB व्यक्ति का होता है, गाड़ी का नहीं; इसलिए यदि आप अपनी पुरानी गाड़ी बेचकर नई खरीद रहे हैं, तो आप अपना NCB सर्टिफिकेट नई पॉलिसी में ट्रांसफर करवा सकते हैं और भारी छूट पा सकते हैं।
जरूरी एड-ऑन्स (Add-ons) को नजरअंदाज करना
एक साधारण पॉलिसी हर तरह के नुकसान को कवर नहीं करती, इसलिए ‘Add-on’ कवर्स की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। सबसे प्रमुख एड-ऑन ‘Zero Depreciation’ कवर है। सामान्य पॉलिसी में प्लास्टिक, रबर और फाइबर के पुर्जों पर घिसाई (Depreciation) काटी जाती है, लेकिन जीरो डेप्रिसिएशन कवर होने पर आपको पुर्जों की पूरी कीमत मिलती है। इसके अलावा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वालों के लिए ‘Engine Protection’ कवर और ‘Return to Invoice’ (चोरी होने पर शोरूम की पूरी कीमत मिलना) जैसे एड-ऑन्स लेना बहुत ही समझदारी भरा फैसला होता है।
नियमों और शर्तों को ध्यान से न पढ़ना
पॉलिसी के दस्तावेजों में लिखे बारीक अक्षरों और ‘Exclusions’ (जो कवर नहीं हैं) को न पढ़ना सबसे आम गलती है। अक्सर लोगों को पता नहीं होता कि शराब पीकर गाड़ी चलाने, बिना वैध लाइसेंस के गाड़ी चलाने या व्यावसायिक कार्यों के लिए निजी गाड़ी का उपयोग करने पर क्लेम खारिज हो सकता है। पॉलिसी लेते समय ‘Cashless Garage’ नेटवर्क की भी जांच कर लें ताकि दुर्घटना की स्थिति में आपको अपनी जेब से पैसे न देने पड़ें। ऑनलाइन तुलना करना और ग्राहकों के रिव्यूज पढ़ना भी एक सही और पारदर्शी बीमा प्रदाता चुनने में आपकी मदद कर सकता है।













