सरकार अपनी नई और सबसे महत्वाकांक्षी ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026’ (Draft) के साथ प्रदूषण के खिलाफ एक बड़ा युद्ध छेड़ने जा रही है। 16 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र में पेश होने वाली यह पॉलिसी सिर्फ एक सरकारी दस्तावेज नहीं है, बल्कि राजधानी के लाखों मिडिल क्लास परिवारों और विशेष समुदायों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।
मौजूदा पॉलिसी 31 मार्च 2026 को खत्म हो रही है, और उसकी जगह लेने वाली यह नई नीति 2030 तक लागू रहेगी। इसका मुख्य लक्ष्य दिल्ली की सड़कों पर दौड़ रहे लगभग 58 लाख पुराने पेट्रोल दोपहिया वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक में बदलना है, ताकि शहर की हवा को फिर से सांस लेने लायक बनाया जा सके।
महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए ‘पिंक’ और ‘इंद्रधनुष’ तोहफा
इस नई पॉलिसी की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी खासियत यह है कि इसमें समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की कोशिश की गई है। दिल्ली सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘Pink e-permit’ (पिंक ई-परमिट) और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए ‘Rainbow permit’ (इंद्रधनुष परमिट) की शुरुआत करने का फैसला किया है। इसके तहत इन समुदायों को ई-ऑटो और अन्य व्यावसायिक इलेक्ट्रिक वाहन चलाने के लिए विशेष रियायतें और परमिट दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे ना सिर्फ प्रदूषण कम होगा, बल्कि इन वर्गों को सम्मानजनक रोजगार और बेहतर ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ भी मिलेगी।
दोपहिया वाहनों पर ₹30,000 तक की बंपर छूट
अगर आप नया इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत पैसा वसूल साबित हो सकती है। नई ड्राफ्ट पॉलिसी के अनुसार:
पहले साल: ₹2.25 लाख तक की कीमत वाले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर ₹10,000 प्रति kWh की सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा ₹30,000 रखी गई है।
दूसरे और तीसरे साल: यह छूट धीरे-धीरे कम होती जाएगी। दूसरे साल में यह ₹6,600 प्रति kWh (अधिकतम ₹20,000) और तीसरे साल में ₹3,300 प्रति kWh (अधिकतम ₹10,000) रह जाएगी।
महिला खरीदारों के लिए: रिपोर्ट के अनुसार, महिला खरीदारों को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर अतिरिक्त लाभ या सीधी ₹30,000 की सब्सिडी देने का भी प्रस्ताव है, ताकि उन्हें इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर प्रोत्साहित किया जा सके।
ई-ऑटो के लिए ₹50,000 का बड़ा इंसेंटिव
दिल्ली की जान कहे जाने वाले ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए भी सरकार ने खजाना खोल दिया है। नए इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने पर ₹50,000 तक का सीधा वित्तीय इंसेंटिव देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को कबाड़ (Scrap) में देने पर भी आकर्षक बोनस मिलेगा। इलेक्ट्रिक कारों की बात करें तो ₹30 लाख तक की एक्स-फैक्ट्री कीमत वाली कारों को 31 मार्च 2030 तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी तरह मुक्त रखने की योजना है।
चार्जिंग स्टेशनों का बिछेगा जाल और बैटरी रिसाइकलिंग
सिर्फ गाड़ियां सस्ती करना ही सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि उन्हें चलाने के लिए बुनियादी ढांचा भी मजबूत किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली में चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग पॉइंट्स की संख्या को मौजूदा 9,000 से बढ़ाकर 36,000 तक ले जाया जाए। इसके अलावा, बैटरी रिसाइकलिंग और उनके सही निपटान के लिए भी एक ठोस सिस्टम तैयार किया जा रहा है। कुल मिलाकर, यह नई पॉलिसी दिल्ली को दुनिया के सबसे बड़े ईवी हब के रूप में स्थापित करने की ओर एक बड़ा कदम है। अगर आप भी नई गाड़ी लेने की सोच रहे हैं, तो पॉलिसी के नोटिफाई होने का इंतजार करना आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है!








