पुणे RTO का बड़ा फैसला: अब ‘MH-12’ नंबर प्लेट पर दिखेंगे 3 अक्षर
पुणे शहर में वाहनों की संख्या में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी को देखते हुए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने वाहन पंजीकरण प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव करने का निर्णय लिया है। 22 मार्च 2026 की ताजा रिपोर्ट और ‘अमर उजाला’ (Amar Ujala) के अनुसार, पुणे का वर्तमान ‘MH-12’ कोड अपनी दो-अक्षरों वाली सीरीज के अंतिम पड़ाव पर है। फिलहाल यह ZG सीरीज तक पहुँच चुका है और जल्द ही ZZ के आंकड़े को पार कर जाएगा। इसके बाद पुणे देश के उन चुनिंदा महानगरों (जैसे दिल्ली और बेंगलुरु) की सूची में शामिल हो जाएगा जहाँ वाहनों के नंबरों में तीन अक्षरों (जैसे AAA) का उपयोग किया जाता है।
ZG तक पहुँची सीरीज: क्यों पड़ी तीन अक्षरों की जरूरत?
पुणे RTO के पास वर्तमान में उपलब्ध दो-अक्षरों वाली वर्णमाला सीरीज (जैसे MH-12 AA से ZZ) तेजी से खत्म हो रही है। अधिकारियों के अनुसार, पुणे में वाहनों के पंजीकरण की रफ्तार इतनी तेज है कि हर 20-25 दिनों में एक नई सीरीज शुरू करनी पड़ती है। जैसे ही वर्तमान सीरीज ‘ZZ’ तक पहुँचेगी, उपलब्ध नंबरों का पूल खत्म हो जाएगा। इसी कमी को दूर करने के लिए परिवहन विभाग अब AAA से शुरू होने वाली तीन-अक्षरों वाली सीरीज लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इस नए बदलाव से आने वाले कई दशकों तक नंबरों की कमी नहीं होगी और करोड़ों नए अद्वितीय (Unique) संयोजन उपलब्ध होंगे।
पुणे में वाहनों की संख्या: 43.5 लाख का आंकड़ा पार
पुणे में वाहनों का बढ़ता दबाव इस फैसले की मुख्य वजह है। RTO के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 के अंत तक पुणे शहर में पंजीकृत वाहनों की कुल संख्या 43.5 लाख से अधिक हो गई है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी दोपहिया वाहनों की है, जिनकी संख्या लगभग 29.8 लाख है। वहीं, निजी कारों की संख्या भी 9.1 लाख के पार पहुँच चुकी है। शहरीकरण और सार्वजनिक परिवहन की सीमाओं के कारण हर साल हजारों नए वाहन सड़कों पर उतर रहे हैं, जिससे पुरानी नंबरिंग प्रणाली अब नाकाफी साबित हो रही है।
क्या होगा नया नियम और कैसे दिखेंगे नंबर?
नई प्रणाली के तहत, वाहन की नंबर प्लेट का फॉर्मेट अब MH-12 AAA 0001 जैसा दिखेगा। अब तक पुणे में MH-12 के बाद केवल दो अक्षर और चार अंक होते थे। इस बदलाव के लिए RTO ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) से तकनीकी तालमेल बैठाना शुरू कर दिया है ताकि डिजिटल डेटाबेस में इन तीन-अक्षरों वाले नंबरों को आसानी से दर्ज किया जा सके। शुरुआत में यह फॉर्मेट थोड़ा अलग लग सकता है, लेकिन यह भविष्य की जरूरतों के लिए अनिवार्य है। महाराष्ट्र में मुंबई के बाद पुणे ऐसा पहला शहर होगा जहाँ इस तरह की विस्तृत सीरीज की आवश्यकता पड़ी है।
गुड़ी पाड़वा और त्योहारी सीजन का असर
पंजीकरण की इस तेज रफ्तार के पीछे आगामी त्योहारी सीजन, विशेषकर गुड़ी पाड़वा का बड़ा हाथ है। महाराष्ट्र में इस अवसर पर नए वाहन खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे मार्च और अप्रैल के दौरान पंजीकरण में भारी उछाल आता है। RTO अधिकारियों का अनुमान है कि अप्रैल के अंत तक ‘ZZ’ सीरीज पूरी तरह खत्म हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने राज्य परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है ताकि नई ‘AAA’ सीरीज को समय रहते मंजूरी मिल सके और ग्राहकों को नंबरों के लिए इंतजार न करना पड़े।
Vahan पोर्टल पर तकनीकी अपडेट की तैयारी
तीन-अक्षरों वाली इस नई सीरीज को लागू करने के लिए केंद्रीय ‘वाहन’ (Vahan) पोर्टल पर भी कुछ बदलाव किए जाएंगे। इसमें नंबर प्लेट के फॉन्ट साइज और डिस्प्ले स्पेसिफिकेशन को लेकर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। पुणे RTO का लक्ष्य इस बदलाव को पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल बनाना है ताकि वाहन मालिकों को किसी भी तरह की प्रशासनिक असुविधा न हो। यह कदम न केवल नंबरों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा बल्कि पुणे की बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों को भी पूरा करेगा।














