भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में बड़ी फैमिली कारों (MPV और SUV) की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। फरवरी 2026 के ताजा बिक्री आंकड़ों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात किफायती और भरोसेमंद 7-सीटर की आती है, तो मारुति सुजुकी अर्टिगा का कोई मुकाबला नहीं है। अर्टिगा ने स्कॉर्पियो, बोलेरो और इनोवा जैसी दिग्गज गाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए नंबर-1 का पायदान हासिल किया है। आइए देखते हैं फरवरी के महीने में किन 10 गाड़ियों ने भारतीय परिवारों के दिल और सड़कों पर राज किया।
मारुति अर्टिगा: सेगमेंट की निर्विवाद बादशाह
मारुति सुजुकी अर्टिगा ने फरवरी 2026 में 17,807 यूनिट्स की बिक्री के साथ चार्ट में टॉप किया है। पिछले साल के मुकाबले इसकी बिक्री में 20% की शानदार बढ़त देखी गई है। कम कीमत, बेहतरीन माइलेज और कम मेंटेनेंस की वजह से यह आज भी मिडिल क्लास परिवारों की पहली पसंद बनी हुई है।
महिंद्रा का दबदबा: स्कॉर्पियो और बोलेरो की धाक
महिंद्रा की एसयूवी रेंज ने भी जबरदस्त प्रदर्शन किया है। महिंद्रा स्कॉर्पियो (N और Classic दोनों मिलाकर) 14,665 यूनिट्स के साथ दूसरे नंबर पर रही। वहीं, ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लोकप्रिय महिंद्रा बोलेरो 9,863 यूनिट्स की बिक्री के साथ तीसरे स्थान पर जमी हुई है। हाल ही में अपडेट हुई XUV 7XO ने भी 9,112 यूनिट्स बेचकर चौथे नंबर पर अपनी मजबूत जगह बनाई है।
इनोवा और कैरेंस: प्रीमियम सफर का भरोसा
भरोसे और कंफर्ट का दूसरा नाम टोयोटा इनोवा (Crysta और Hycross) 8,703 यूनिट्स के साथ पांचवें नंबर पर रही। वहीं, किआ कैरेंस ने 28% की सालाना ग्रोथ के साथ 6,815 यूनिट्स बेचीं और छठे पायदान पर कब्जा किया। इन दोनों गाड़ियों ने साबित किया है कि भारतीय ग्राहक प्रीमियम फीचर्स और कंफर्ट के लिए पैसे खर्च करने से पीछे नहीं हटते।
XL6, फॉर्च्यूनर और ट्राइबर का प्रदर्शन
मारुति सुजुकी XL6 की बिक्री में सबसे ज्यादा 93% का उछाल देखा गया और यह 3,633 यूनिट्स के साथ सातवें नंबर पर रही। अमीरों की पहली पसंद टोयोटा फॉर्च्यूनर 3,076 यूनिट्स के साथ आठवें स्थान पर रही। बजट फ्रेंडली रेनॉल्ट ट्राइबर ने भी 57% की बढ़त के साथ 2,419 यूनिट्स बेचीं और नौवां स्थान हासिल किया।
टाटा सफारी: टॉप 10 में बनाई जगह
टाटा मोटर्स की फ्लैगशिप एसयूवी, टाटा सफारी, ने 1,650 यूनिट्स की बिक्री के साथ टॉप 10 की लिस्ट को पूरा किया। अपनी मजबूत बनावट और 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग की वजह से सफारी उन लोगों की पसंद बनी हुई है जो सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते। ये आंकड़े बताते हैं कि भारतीय ग्राहकों का झुकाव अब ऐसी गाड़ियों की तरफ ज्यादा है जो न सिर्फ बड़ी हों, बल्कि माइलेज और फीचर्स में भी हाई-टेक हों।














