मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्त कार्रवाई
अप्रैल 2026 में जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब उन वाहनों का पंजीकरण प्रमाण-पत्र (RC) सीधे तौर पर रद्द कर दिया जाएगा जिनमें अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगे पाए जाएंगे। प्रशासन का यह कदम शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को रोकने और आम जनता को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए उठाया गया है।
गाजियाबाद के परिवहन विभाग ने सड़कों पर शोर मचाने वाली और पटाखों जैसी आवाज निकालने वाली Royal Enfield Bullet मोटरसाइकिलों के खिलाफ एक बहुत ही बड़ा और कड़ा अभियान शुरू किया है। परिवहन आयुक्त के आदेश पर एआरटीओ (ARTO) प्रशासन अशोक श्रीवास्तव ने इस संबंध में शहर के सभी बुलेट डीलर्स, गैराज मालिकों और वर्कशॉप संचालकों के साथ एक विशेष बैठक कर सख्त चेतावनी जारी की है।
वर्कशॉप और डीलर्स पर भारी जुर्माने का प्रावधान
इस बार प्रशासन ने केवल वाहन मालिकों को ही नहीं, बल्कि उन लोगों को भी निशाने पर लिया है जो मोटरसाइकिलों में ये अवैध बदलाव करते हैं। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 182-ए (3) के तहत, यदि कोई वर्कशॉप या गैराज संचालक किसी वाहन में अवैध मॉडिफिकेशन करता पकड़ा जाता है, तो उस पर प्रति उल्लंघन 1 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, दोषी पाए जाने पर वर्कशॉप का लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि इन अवैध साइलेंसरों की फिटिंग के स्रोत पर ही लगाम लगाई जा सके।
RC निरस्तीकरण और जेल की सजा का खतरा
परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन वाहनों का पहले ही मॉडिफाइड साइलेंसर के लिए चालान किया जा चुका है, उनकी आरसी को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 53 (1) के तहत निलंबित या पूरी तरह रद्द करने की कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेजने तक की कार्रवाई की जा सकती है। गाजियाबाद पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें अब शहर के विभिन्न हिस्सों में औचक निरीक्षण करेंगी और साइलेंसर की जांच के लिए आधुनिक डेसीबल मीटर का उपयोग करेंगी ताकि मानक से अधिक शोर करने वाली गाड़ियों की तुरंत पहचान की जा सके।
ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
प्रशासन के अनुसार, मॉडिफाइड साइलेंसर न केवल ध्वनि प्रदूषण का मुख्य कारण हैं, बल्कि ये सड़क सुरक्षा के मानकों का भी गंभीर उल्लंघन करते हैं। पटाखों जैसी तेज आवाज से अक्सर बुजुर्गों, बच्चों और दिल के मरीजों को भारी असुविधा होती है, साथ ही इससे अन्य वाहन चालकों का ध्यान भी भटक सकता है जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। कंपनी द्वारा दिए गए स्टॉक साइलेंसरों को हटाकर स्थानीय स्तर पर बने तेज आवाज वाले साइलेंसर लगाना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। कंपनी फिटेड साइलेंसर को हटाना गाड़ी के वारंटी और बीमा दावों को भी प्रभावित कर सकता है।
डीलर्स और गैराज संचालकों को सख्त हिदायत
एआरटीओ प्रशासन ने बुलेट शोरूम संचालकों और मैकेनिकों को निर्देशित किया है कि वे अपनी दुकानों पर किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित साइलेंसर की बिक्री या फिटिंग न करें। यदि कोई ग्राहक ऐसे बदलावों की मांग करता है, तो उसे नियमों के बारे में सूचित करना और ऐसे काम से इनकार करना वर्कशॉप की जिम्मेदारी होगी। विभाग ने यह भी कहा है कि वे उन दुकानों की सूची तैयार कर रहे हैं जो इस तरह के अवैध कार्यों में संलिप्त हैं। ऐसे संचालकों पर निगरानी रखने के लिए सादे कपड़ों में भी परिवहन विभाग के कर्मचारी तैनात किए जा सकते हैं जो ‘डिकॉय’ (Decoy) ग्राहक बनकर जांच करेंगे।
वाहन मालिकों के लिए अंतिम चेतावनी
गाजियाबाद प्रशासन ने सभी मोटरसाइकिल मालिकों, विशेष रूप से Royal Enfield Bullet चलाने वालों को सलाह दी है कि यदि उन्होंने अपनी गाड़ी में कोई भी अवैध मॉडिफिकेशन कराया है, तो उसे तुरंत हटाकर कंपनी द्वारा दिए गए मूल साइलेंसर को वापस लगवा लें। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में न केवल गाड़ी सीज (Seize) होगी, बल्कि आरसी निरस्त होने के बाद उस वाहन को दोबारा सड़क पर चलाना लगभग असंभव हो जाएगा। यह सख्त कार्रवाई भविष्य में एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित यातायात वातावरण सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है ताकि सड़कों पर होने वाले अनावश्यक शोर-शराबे पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।













