वियतनाम की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी VinFast भारतीय बाज़ार में अपनी पैठ ज़माने के लिए अब एक बहुत ही आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है। ‘Jagran’ और अप्रैल 2026 की ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, विनफास्ट ने भारत में अपने Electric Two-Wheelers (इलेक्ट्रिक स्कूटर) को लॉन्च करने की पुष्टि कर दी है। कंपनी का लक्ष्य केवल प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारें बेचना नहीं, बल्कि भारत के विशाल दो-पहिया बाज़ार में भी अपनी जगह बनाना है। इसके लिए विनफास्ट ने अपने रिटेल नेटवर्क और शोरूम चेन के विस्तार के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है, जो इसे अगले कुछ महीनों में देश के कोने-कोने तक पहुँचा देगा।
तीन नए इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के साथ भारत में एंट्री
विनफास्ट ने पुष्टि की है कि वे शुरुआत में अपने वियतनामी पोर्टफोलियो से तीन मुख्य मॉडल—Evo, Feliz और Viper—को भारत लाएंगे। इन स्कूटर्स को सीधे आयात करने के बजाय, कंपनी इन्हें ‘इंडियन रोड कंडीशंस’ (भारतीय सड़कों की स्थिति) और यहाँ की जलवायु के अनुसार अपडेट कर रही है। ये स्कूटर्स अपनी LFP Battery तकनीक के लिए जाने जाते हैं, जो लंबी उम्र और सुरक्षा सुनिश्चित करती है। इनमें से ‘Evo’ मॉडल लगभग 160-165 किलोमीटर की रेंज प्रदान करता है, जबकि ‘Feliz’ और ‘Viper’ अपने स्पोर्टी लुक और हाई-परफॉरमेंस के लिए मशहूर हैं। कंपनी इन्हें 2026 के अंत तक भारतीय सड़कों पर उतारने की योजना बना रही है।
शोरूम नेटवर्क का विस्तार: 75 आउटलेट्स का लक्ष्य
ग्राहकों तक अपनी पहुँच बढ़ाने के लिए विनफास्ट ने अपने शोरूम और सर्विस नेटवर्क को दोगुना करने का फैसला किया है। मार्च 2026 तक कंपनी ने भारत में अपने 50 रिटेल आउटलेट्स पूरे कर लिए हैं। विनफास्ट इंडिया के सीईओ तपन घोष के अनुसार, कंपनी का अगला लक्ष्य 2026 के अंत तक देश के 60 शहरों में 75 शोरूम और लगभग 230 वर्कशॉप्स (Workshops) स्थापित करना है। यह विस्तार केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कंपनी अब टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी। बेंगलुरु में कंपनी ने हाल ही में अपना ‘फ्लैगशिप 3S फैसिलिटी’ शोरूम खोला है, जो सेल्स, सर्विस और स्पेयर पार्ट्स की एकीकृत सुविधा प्रदान करता है।
‘V-Green’ चार्जिंग नेटवर्क और ग्राहक सुविधाएँ
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों की सबसे बड़ी चिंता चार्जिंग को लेकर होती है, जिसे दूर करने के लिए विनफास्ट अपनी सहयोगी कंपनी V-Green के साथ मिलकर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है। कंपनी ने हाल ही में अपने चार्जिंग स्टेशनों पर ‘फ्री चार्जिंग’ कार्यक्रम को 31 मार्च 2029 तक बढ़ाने की घोषणा की है। इसके अलावा, विनफास्ट ने मार्च 2026 में Trade Gas for Electric प्रोग्राम भी शुरू किया है, जिसके तहत पेट्रोल गाड़ी छोड़कर इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट होने वाले ग्राहकों को 5% तक का अतिरिक्त इंसेंटिव (Incentive) दिया जा रहा है। यह पहल भारत में ईवी एडॉप्शन को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
स्थानीय विनिर्माण (Local Manufacturing) और ‘Make in India’
विनफास्ट की सफलता का सबसे बड़ा स्तंभ तमिलनाडु के थूथुकुडी (Thoothukudi) में स्थित उनका विशाल प्लांट है। कंपनी यहाँ अपनी गाड़ियों का स्थानीय स्तर पर निर्माण कर रही है, जिससे लागत कम करने और भारत सरकार की Make in India पहल को मज़बूती देने में मदद मिल रही है। इस प्लांट की शुरुआती क्षमता 50,000 यूनिट्स सालाना है, जिसे भविष्य में 1.5 लाख यूनिट्स तक बढ़ाया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर बैटरी और पुर्जों का निर्माण होने से विनफास्ट के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की कीमत काफी प्रतिस्पर्धी रहने की उम्मीद है, जो ओला और एथर जैसी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती होगी।
बाज़ार में स्थिति और भविष्य की योजना
2026 में विनफास्ट को Jagran Hi-Tech Awards में ‘ईवी चैंपियन ऑफ द ईयर’ (EV Champion of the Year) के खिताब से नवाज़ा गया है। कंपनी केवल टू-व्हीलर्स तक ही सीमित नहीं है; 24 अप्रैल 2026 को कंपनी अपनी नई 7-सीटर इलेक्ट्रिक MPV 7 भी लॉन्च करने जा रही है। विनफास्ट की यह चौतरफा रणनीति—जिसमें कार, स्कूटर, चार्जिंग नेटवर्क और विशाल शोरूम चेन शामिल है—उसे भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेगमेंट में एक लीडर के रूप में स्थापित कर रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके स्कूटर्स भारतीय ग्राहकों के दिलों में कितनी जल्दी जगह बना पाते हैं।













